मनुष्य जन्म का उद्देश्य क्या है

मनुष्य जीवन का सार क्या है

मनुष्य जन्म का उद्देश्य क्या है
मनुष्य जन्म का उद्देश्य क्या है

मनुष्य जीवन का सार क्या है : क्या आप अपने भीतर जिंदगी को बेहतर ढंग से समझने की ललक महसूस करते है शायद आप खुद से पूछा करते होंगे हम यहा क्यों आखिर जीवन में यह चल क्या रहा इन सवालो के सहारे आप जिंदगी को उसकी व्यपकता को  समझने की कोशिश करते हे याद रखे हरेक पीढ़ी एक वैश्विक वास्तविक युग चेतन के बिच पैदा होती है लेकिन इतिहास बताता है 

( मनुष्य जीवन का सार क्या है ) की मानव यर्थाथ समय के साथ आगे बढ़ता हे जब हम अपनी आत्मा के मिशन को पा  लेते है यानि जो हमारा हे वह दुसरो को देने के लिए हे तब हम मनुष्यता के विकास में सजग रूप से जुटते है हम सब विभिन्न चरणों को समझने पर ही हमे मालूम होता है की किस वक्त हम कहा थे जैसे हमारी जिंदगी में जब 30  का अहम पड़ाव आता हे तो उस मोड़ पर हम यही महसूस करते है 

जीवन का वास्तविक सार क्या है

मनुष्य जन्म का उद्देश्य क्या है
मनुष्य जन्म का उद्देश्य क्या है

जीवन का वास्तविक सार क्या है : की जितना हम सोचते थे मानव अर्थव्य्वयथा तो उससे कही अधिक जटिल हे इसलिए एक ऐसा काम ढूढ़ना होगा जिससे अधिक धन कमाया जा सके भले ही वह ठीक वैसा काम न हो जैसा हम चाहते हे इस पड़ाव पर हरेक नई पीढ़ी यह महसुस करती हे की मानव समाज में बहुत कुछ गलत हे जिसे सुधारने की जरूरत हे यह यथार्थवादी चरण हमारे मिशन का निर्धारक शुरूआती कदम होता है 

( जीवन का वास्तविक सार क्या है )  इसके बाद 38 पड़ाव आता है जहा हम सोचते हे की भले हमने जिंदगी में कामयाबी हासिल कर ली है लेकिन हम हम वह नहीं कर रहे जो करना चाहते है हमे यह एहसास होने लगता हे की 40 करीब आ गया यानि जिंदगी छोटी रह गयी है यहा से हम एक प्रेणाप्रद पूर्ण जीवन तलाशने लगते जब हम अपने छठे दशक में दाखिल होते है जो अनेक लोगो के लिए अंतिम चरण में प्रवेश करना होता है 

मनुष्य जन्म का मुख्य उद्देश्य क्या है

मनुष्य जन्म का उद्देश्य क्या है
मनुष्य जन्म का उद्देश्य क्या है

मनुष्य जन्म का मुख्य उद्देश्य क्या है : तब खुद से पूछते हे मुझे किसलिए याद किया जायेगा यह जीवन का वह बिंदु है जहा हम अपने करियर को लेकर चिंतित नहीं होते बल्कि अपने निजी जीवन में नयी आजादी का सपना देखते है कभी - कभी तो सेवानिवृति की आजादी में हम पहली बार जीवन के वास्तविक मिशन को देख पाते है जाहिर हे संदेश सपष्ट हे मिशन की हमारी भावना स्वाभाविक रूस से जीवन भर विकसित होती रहती हे लेकिन हमारा आत्म जल्द से जल्द एक बुनयादी मिशन की खोज में बेचैन रहता है और जब यह उसे मिल जाता है 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

यह ब्लॉग खोजें

Blog Archive

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *